Wednesday, November 27, 2019

बहुत कुछ कहती है

बहुत कुछ कहती है मेरे यार खामोशी तुम्हारी ।
चेहरा आईना ए दिली जजबात यार होता है।।

मनोहर सतोगिया

बहुत कुछ कहती है

बहुत कुछ कहती है मेरे यार खामोशी तुम्हारी ।
चेहरा आईना ए दिली जजबात यार होता है।।

मनोहर सतोगिया

तेरे मादक अल्फाजो की

तेरे मादक अल्फाजो की खनक से कतई अंजान नहीं हूँ ।
अभी तलक कहाँ था मैं तनिक भी हैरान नहीं परेशां हूँ मैं।

मनोहर सतोगिया

हालाते हाजरा बया करते हैं

हालाते हाजरा बया करते हैं अलौकिक अल्फाज तुम्हारे । खनकते हैं चहकते हैं बया कर रहे हैं कुदरती नजारें। मनोहर सतोगिया

Thursday, November 21, 2019

मोहब्बत


, , , , , ,




तेरी शबनमी अंखियो में मेरी मोहब्बत की खुमारी। 
मोहब्बत की गहराई , यारा नहीं कोई इसमें लाचारी। 

मनोहर सतोगिया

______________________________________



खामोशी से जिन्दगी की किश्ती में सफर जारी है मेरे यार। 
 वक्त के साथ बढता जा रहे कारवाँ की थमने की तैयारी है।। 

मनोहर यादव

_____________________________________



तहेदिल से शुक्रिया गुंजन मेरे दोस्त मेरे यार । 
यूँ ही मिलती रहे मोहब्बत बना रहे दिली एतबार। 

मनोहर सतोगिया


, , , , , ,

दिली जजबातो से

दिली जजबातो से रचित रचना दिल को रास आई।
दिल की नन्ही कुमुदनी फिर खिली और मुस्काई।

मनोहर सतोगिया

वो अल्फाज कहाँ से

वो अल्फाज कहाँ से लाऊ जिनसे छवि तेरी बनाऊ।
तू ही बता कैसे चाँद की चाँदनी को चिराग दिखाऊ।

मनोहर सतोगिया

आज फिर अश्को में

आज फिर अश्को में सराबोर है यामिनी ।
यूँ लगता है कलेजे को,फिर कोई सताई गई है दामिनी।

मनोहर सतोगिया

Wednesday, November 20, 2019

अपने ख्वाबो ख्यालो पे

अपने ख्वाबो ख्यालो पे मेरा इख्तियार नहीं ।
कैसे कह दू मोहतरमा हमें तुमसे प्यार नहीं ।
प्यार नहीं अहसास नहीं सुख दुःख का अहसास नहीं
आशियाना ए दिल में रह के भी रंजो गम का अहसास नहीं
जिन्दगी के इस मुकाम पे हकीकत बयां करता हूँ
जिन्दगी के जंजाल से टकराने की कोशिश करता हूँ
सुलझी सुलझी सी जिन्दगी जीने की तमन्ना है।
दौरे जिन्दगी में अश्को का दामन ही सहारा है
हिचकियो अश्को का मेल जिन्दगी में शुमार है
जानवर आदमी से कहीं ज्यादा आज वफादार है
हरेक लम्हा वीरान बस्तियों की डगर कदम बढ़ा रहा हूँ ।
तुमसे मोहब्बत की है आपने भाग्य पे इठला रहा हूँ ।
जिन्दगी में हर कोई विरानियो में साथ छोड़ जाता है ।
परछाई तक जिस्म का साथ छोड़ जाती है ।
एक वही महबुबे मोहब्बत " मौत " साथ निभाती है।।

मनोहर सतोगिया

Tuesday, November 19, 2019

परवाना ए मोहब्बत हूँ

परवाना ए मोहब्बत हूँ रूह बनके शमां में समा जाओ । 
सजह मेरे बनके दिल जिस्म में धडको चौबारे बरस जाओ । 
बहुत सताती हैं सजन खामोशिया ए मोहब्बत तुम्हारी । 
बनके के कोकिल बनकी दिल में तुम चहको हमको सताओ।

ख्वाहिशे ख्वाबगाह

ख्वाहिशे ख्वाबगाह बनके ख्वाबगाह सजन तुम आओ। 
दो दिल मिलें मिले दो जिस्म अगन मोहब्बत की तुम बुझाओ। 
चकवा तुम्हारी मैं चकोर प्रियतम भोर की रवि किरणों की 
मानिंद मेरी जिन्दगी में रूहानी पाकीजगी भरी मोहब्बत यार बन जाओ ।।

मैं पूनम की शबनमी

मैं पूनम की शबनमी चाँदनी प्रियतम मेरे महबुब मेरे यार । 
तुम सावन की बदरिया बनके प्रियतम मेरे चौबारे बरस जाओ ।। 
सदियों से सदियों तक मैं मोहब्बत तुम्हारी प्रियतम ।
मेरे महबुब मेरे यार मेरी मोहब्बत का कर्ज इस जन्म चुकाओ।।

मेरे दिल की धड़कन



मेरे दिल की धड़कन सदियों से चाहत ओ मोहब्बत प्रियतम । 
मेरी खता को मोहब्बत समझके प्यार तुम मुझ पे लुटाओ। 
बनके रूहानी गुलाबी मोहब्बत सजन मेरे । 
मेरे अंग अंग में सजनवा बनके रूहानी मोहब्बत तूम समाओ।।


मनोहर यादव।

Tuesday, November 12, 2019

जुगनुओं की चमक से

जुगनुओं की चमक से अमवस्या की रात रंगीन होती है। 
मोहब्बत की महक से कायनातों फिजा हरेक सुब शाम रंगीन होती है। 

मनोहर सतोगिया

कहों न एक बार तुम दिल से

कहों न एक बार तुम दिल से
बनोगी यार तुम महबूब हमारी।।

Monday, November 11, 2019

You need wings

You need wings to fly and books are the wing builders. 
Ft. Megha Satogiya

Sunday, November 10, 2019

चाहत है

चाहत है यारी तुम्हारी।
जन्नते हूर लगती हो प्यारी।
तुम्हारी महक से महकती है।
कायनातों फिजा दुनियाँदारी।।

औरत

जिन्दगी का पर्याय है औरत 
बगैर औरत के अधूरा है आदमी 
एक नई इबारत है औरत 
आदमी की जरूरत है औरत 
 तलवार की धार है औरत 
कलम का उपसंहार है औरत 
कभी झांसी की रानी कभी भगवती का अवतार है औरत 
कभी तुलसी का स्वरूप है औरत कभी दुर्गावती का अवतार है औरत 
कभी ताजा हवा का जोखा कभी उर्वशी मोहब्बतों एतबार है औरत

आहिस्ता आहिस्ता

आहिस्ता आहिस्ता तनहाइयो का एतबार हम हुये । 
यादों वादो वफाओ अपने इरादों ने साथ छोड़ दिया। 
स्वयं को अलविदा कहने की तैयारी कर रहे हैं हम ।।

तुम सरिता

तुम सरिता सरस सलील अति पावन। 
तुम निर्झरणी सुखद मन अति भावन। 
पर्वतो की गोद खेलती कुदती सावन। 
हवाओं संग राग छेडती मन भावन ।

रब करें तेरी हरेक मुराद हो जाये पूरी ।

रब करें तेरी हरेक मुराद हो जाये पूरी । मेरेयार तेरी कोई ख्वाहिश न रहे अधुरी ।।

पूनम की शबनमी चाँदनी है

पूनम की शबनमी चाँदनी है 
वसुन्धरा का सोलह श्रंगार है 
जिन्दगी की किश्ती की पतवार है
कभी रविवार कभी सोमवार है

औरत इन्दृधनुषी बयार है

औरत इन्दृधनुषी बयार है मादक हाला है नौ लखा हार है जिन्दगी का हंसी त्योहार है ममत्व की मूरत महान है

रिश्ते नातों की रूहानियत

रिश्ते नातों की रूहानियत पे एतबार करते हैं । 
फलक से तय होके आते हैं रिश्ते नाते स्वीकार करते हैं।।

माँ कहीं बहन कहीं पुत्री

माँ कहीं बहन कहीं पुत्री आदि शक्ति है स्त्री अरे नादां । 
ममता की खान जननी अति बलशाली महान।|

गुलो गुलशन से महकती

गुलो गुलशन से महकती है रूह मेरे यार । 
तन मन पृफुल्लित हो उठते,आता दिली करार।

या रब उसकी यादों को ब्लाक

या रब उसकी यादों को ब्लाक करने का आप्सन इनायत फर्मा। 
अब उसके बिन रहा जाता नहीं, तनहाइयो का दर्द सहा जाता नहीं ।।

महकते हुए गुलशन

महकते हुए गुलशन मोहब्बत का पैगाम देते हैं । 
आशिकी के दीवाने यकीनन दिल थाम लेते हैं ।।

रिश्तों की रूहानियत

रिश्तों की रूहानियत से इन्कार नहीं है । 
लेकिन रूहानियत ही सब कुछ सरकार नहीं है ||

दर्दे दिल से मोहब्बत

दर्दे दिल से मोहब्बत सी हो गई है मेरे यार। 
यकींनन मेरा दिल तेरी मोहब्बत का तलबगार।

राख के ढेर में

राख के ढेर में छिपी चिंगारी कयामत ढाती है। 
तेरी यादें तनहाइयो में दिल में कोहराम मचाती हैं

इश्को मोहब्बत

इश्को मोहब्बत वफाओ एतबार की चिंगारी। 
आशिको से यकींनन सारी दुनिया हारी ।

बहके अरमान रब का

बहके अरमान रब का फर्मान एक अहसान सबब ए मोहब्बत यार सुरा सुन्दरी रंजो गम,खुशियों की सौगाते यही तो मोहब्बत है मेरी जान।

Friday, November 8, 2019

मोहब्बत की डगर

मोहब्बत की डगर पे तुम्हारें कदमों के निशाँ
आशियाना ए दिल में इबादते हुस्न की मानिंद है

दीदारे यार से बेचेन

दीदारे यार से बेचेन दिल को करार आता है
कसम आपकी दिल की कमल खिल जाती है

ख्वाहिशें दिल हैं मेरी।


ख्वाहिशें दिल हैं मेरी।
आशियाना ए दिल में रहियों मेरे यार।
तुम्हारी मोहब्बत का सबब है जिन्दगी।
ता कयामत तुम्हीं से करेंगें हम प्यार।

हाथों की चंद लकीरों

हाथों की चंद लकीरों का खेल है जिन्दगानी। 
आशिकी ओ मोहब्बते नेमते रब है सदियों पुरानी ।।

चाँदनी से अपनी मोहब्बत


चाँदनी से अपनी मोहब्बत की कहानी लिखूँ। 
गीत या गजल शबनमी जिंदगी नूरानी लिखूँ।। 
वफाओं एतबार मोहब्बत की जबानी लिखूँ। 
सैलाभे अश्क किश्ती ए मोहब्बत कहानी लिखूँ।।

मोहब्बते रूसवाईयों

मोहब्बते रूसवाईयों से घायल हूँ यार मैं |
तुम्हारी मोहब्बत में यकींनी लायल हूँ यार मैं ||

नासझीं से बढती हैं

नासझीं से बढती हैं दूरियों दिलों के दर्मिया आपसी समझ से खिलती हैं कुमुदनी मोहब्बत भरी ||

अल्फाजों की मिठास

अल्फाजों की मिठास दिल के करीब लाती है। 
अल्फाजों की कडवाहट दिलों में दुरिया बढाती है ||

थमेगी आंधिया

थमेगी आंधिया यार तू एतराज कर। 
मोहब्बतो महक बनके बिखर न सवाल कर। 
रंजो गम की परछाईया तूझे छू न पायेगी । 
नेमते पाक परवरदिगार पे एतबार यार कर।

तहेदिल से शुक्रिया

तहेदिल से शुक्रिया कृति एतबार का। 
सांवन की शबनमी फुहार का रसधार का।

गुलशन के गुलो

गुलशन के गुलो की महक दिल में बस गई। 
यामिनी खड़ी द्वारे एकटक देखते रह गई ।।

रूहानी मोहब्बत का सफर

रूहानी मोहब्बत का सफर सदियों से जारी है । 
कल भी मोहब्बत थी तुमसे आज भी यारा यारी है।

देख लो आज गुरूत्वाकर्षण

देख लो आज गुरूत्वाकर्षण का नियम फेल हो गया। 
बेमेल ही सही सबब ए मोहब्बत कारे गोरे का मेल हो गया ।

नेहरू का वतन नहीं ये नमो का हिन्दुस्तान है। 
तिरंगा आन बान शान मादरे वतन महान है ।।

जिन्दगी से कोई शिकवा शिकायत

जिन्दगी से कोई शिकवा शिकायत नहीं जिन्दगी पे एतबार है। 
अजीमो करीम नेमते रब है जिन्दगी हरेक लम्हा मोहब्बतो दरकार है ।।

नूरे रूखशार से रौशन

नूरे रूखशार से रौशन कायनातो फिजा ये संसार है । 
तू ही बता यारा ओ सखी कब होईहै दीदारे यार है।।

Join Facebook : https://www.facebook.com/manohar.yadavsatogiya