रिश्ते नातों की रूहानियत पे एतबार करते हैं ।
फलक से तय होके आते हैं रिश्ते नाते स्वीकार करते हैं।।
फलक से तय होके आते हैं रिश्ते नाते स्वीकार करते हैं।।
बहुत कुछ कहती है मेरे यार खामोशी तुम्हारी । चेहरा आईना ए दिली जजबात यार होता है।। मनोहर सतोगिया
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