औरत इन्दृधनुषी बयार है
मादक हाला है नौ लखा हार है
जिन्दगी का हंसी त्योहार है
ममत्व की मूरत महान है
Sunday, November 10, 2019
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बहुत कुछ कहती है मेरे यार खामोशी तुम्हारी । चेहरा आईना ए दिली जजबात यार होता है।। मनोहर सतोगिया
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