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Wednesday, November 27, 2019

बहुत कुछ कहती है

बहुत कुछ कहती है मेरे यार खामोशी तुम्हारी ।
चेहरा आईना ए दिली जजबात यार होता है।।

मनोहर सतोगिया

Thursday, November 21, 2019

मोहब्बत


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तेरी शबनमी अंखियो में मेरी मोहब्बत की खुमारी। 
मोहब्बत की गहराई , यारा नहीं कोई इसमें लाचारी। 

मनोहर सतोगिया

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खामोशी से जिन्दगी की किश्ती में सफर जारी है मेरे यार। 
 वक्त के साथ बढता जा रहे कारवाँ की थमने की तैयारी है।। 

मनोहर यादव

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तहेदिल से शुक्रिया गुंजन मेरे दोस्त मेरे यार । 
यूँ ही मिलती रहे मोहब्बत बना रहे दिली एतबार। 

मनोहर सतोगिया


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दिली जजबातो से

दिली जजबातो से रचित रचना दिल को रास आई।
दिल की नन्ही कुमुदनी फिर खिली और मुस्काई।

मनोहर सतोगिया

Wednesday, November 20, 2019

अपने ख्वाबो ख्यालो पे

अपने ख्वाबो ख्यालो पे मेरा इख्तियार नहीं ।
कैसे कह दू मोहतरमा हमें तुमसे प्यार नहीं ।
प्यार नहीं अहसास नहीं सुख दुःख का अहसास नहीं
आशियाना ए दिल में रह के भी रंजो गम का अहसास नहीं
जिन्दगी के इस मुकाम पे हकीकत बयां करता हूँ
जिन्दगी के जंजाल से टकराने की कोशिश करता हूँ
सुलझी सुलझी सी जिन्दगी जीने की तमन्ना है।
दौरे जिन्दगी में अश्को का दामन ही सहारा है
हिचकियो अश्को का मेल जिन्दगी में शुमार है
जानवर आदमी से कहीं ज्यादा आज वफादार है
हरेक लम्हा वीरान बस्तियों की डगर कदम बढ़ा रहा हूँ ।
तुमसे मोहब्बत की है आपने भाग्य पे इठला रहा हूँ ।
जिन्दगी में हर कोई विरानियो में साथ छोड़ जाता है ।
परछाई तक जिस्म का साथ छोड़ जाती है ।
एक वही महबुबे मोहब्बत " मौत " साथ निभाती है।।

मनोहर सतोगिया

Tuesday, November 19, 2019

परवाना ए मोहब्बत हूँ

परवाना ए मोहब्बत हूँ रूह बनके शमां में समा जाओ । 
सजह मेरे बनके दिल जिस्म में धडको चौबारे बरस जाओ । 
बहुत सताती हैं सजन खामोशिया ए मोहब्बत तुम्हारी । 
बनके के कोकिल बनकी दिल में तुम चहको हमको सताओ।

मैं पूनम की शबनमी

मैं पूनम की शबनमी चाँदनी प्रियतम मेरे महबुब मेरे यार । 
तुम सावन की बदरिया बनके प्रियतम मेरे चौबारे बरस जाओ ।। 
सदियों से सदियों तक मैं मोहब्बत तुम्हारी प्रियतम ।
मेरे महबुब मेरे यार मेरी मोहब्बत का कर्ज इस जन्म चुकाओ।।

मेरे दिल की धड़कन



मेरे दिल की धड़कन सदियों से चाहत ओ मोहब्बत प्रियतम । 
मेरी खता को मोहब्बत समझके प्यार तुम मुझ पे लुटाओ। 
बनके रूहानी गुलाबी मोहब्बत सजन मेरे । 
मेरे अंग अंग में सजनवा बनके रूहानी मोहब्बत तूम समाओ।।


मनोहर यादव।

Tuesday, November 12, 2019

जुगनुओं की चमक से

जुगनुओं की चमक से अमवस्या की रात रंगीन होती है। 
मोहब्बत की महक से कायनातों फिजा हरेक सुब शाम रंगीन होती है। 

मनोहर सतोगिया

कहों न एक बार तुम दिल से

कहों न एक बार तुम दिल से
बनोगी यार तुम महबूब हमारी।।

Sunday, November 10, 2019

रब करें तेरी हरेक मुराद हो जाये पूरी ।

रब करें तेरी हरेक मुराद हो जाये पूरी । मेरेयार तेरी कोई ख्वाहिश न रहे अधुरी ।।

रिश्ते नातों की रूहानियत

रिश्ते नातों की रूहानियत पे एतबार करते हैं । 
फलक से तय होके आते हैं रिश्ते नाते स्वीकार करते हैं।।

महकते हुए गुलशन

महकते हुए गुलशन मोहब्बत का पैगाम देते हैं । 
आशिकी के दीवाने यकीनन दिल थाम लेते हैं ।।

दर्दे दिल से मोहब्बत

दर्दे दिल से मोहब्बत सी हो गई है मेरे यार। 
यकींनन मेरा दिल तेरी मोहब्बत का तलबगार।

इश्को मोहब्बत

इश्को मोहब्बत वफाओ एतबार की चिंगारी। 
आशिको से यकींनन सारी दुनिया हारी ।

Friday, November 8, 2019

मोहब्बत की डगर

मोहब्बत की डगर पे तुम्हारें कदमों के निशाँ
आशियाना ए दिल में इबादते हुस्न की मानिंद है

दीदारे यार से बेचेन

दीदारे यार से बेचेन दिल को करार आता है
कसम आपकी दिल की कमल खिल जाती है

ख्वाहिशें दिल हैं मेरी।


ख्वाहिशें दिल हैं मेरी।
आशियाना ए दिल में रहियों मेरे यार।
तुम्हारी मोहब्बत का सबब है जिन्दगी।
ता कयामत तुम्हीं से करेंगें हम प्यार।

हाथों की चंद लकीरों

हाथों की चंद लकीरों का खेल है जिन्दगानी। 
आशिकी ओ मोहब्बते नेमते रब है सदियों पुरानी ।।

चाँदनी से अपनी मोहब्बत


चाँदनी से अपनी मोहब्बत की कहानी लिखूँ। 
गीत या गजल शबनमी जिंदगी नूरानी लिखूँ।। 
वफाओं एतबार मोहब्बत की जबानी लिखूँ। 
सैलाभे अश्क किश्ती ए मोहब्बत कहानी लिखूँ।।

मोहब्बते रूसवाईयों

मोहब्बते रूसवाईयों से घायल हूँ यार मैं |
तुम्हारी मोहब्बत में यकींनी लायल हूँ यार मैं ||