चाँदनी से अपनी मोहब्बत की कहानी लिखूँ।
गीत या गजल शबनमी जिंदगी नूरानी लिखूँ।।
वफाओं एतबार मोहब्बत की जबानी लिखूँ।
सैलाभे अश्क किश्ती ए मोहब्बत कहानी लिखूँ।।
बहुत कुछ कहती है मेरे यार खामोशी तुम्हारी । चेहरा आईना ए दिली जजबात यार होता है।। मनोहर सतोगिया
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