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Sunday, November 10, 2019

तुम सरिता

तुम सरिता सरस सलील अति पावन। 
तुम निर्झरणी सुखद मन अति भावन। 
पर्वतो की गोद खेलती कुदती सावन। 
हवाओं संग राग छेडती मन भावन ।

Friday, November 8, 2019

तहेदिल से शुक्रिया

तहेदिल से शुक्रिया कृति एतबार का। 
सांवन की शबनमी फुहार का रसधार का।