मैं पूनम की शबनमी चाँदनी प्रियतम मेरे महबुब मेरे यार ।
तुम सावन की बदरिया बनके प्रियतम मेरे चौबारे बरस जाओ ।।
सदियों से सदियों तक मैं मोहब्बत तुम्हारी प्रियतम ।
मेरे महबुब मेरे यार मेरी मोहब्बत का कर्ज इस जन्म चुकाओ।।
बहुत कुछ कहती है मेरे यार खामोशी तुम्हारी । चेहरा आईना ए दिली जजबात यार होता है।। मनोहर सतोगिया
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