Tuesday, November 19, 2019

ख्वाहिशे ख्वाबगाह

ख्वाहिशे ख्वाबगाह बनके ख्वाबगाह सजन तुम आओ। 
दो दिल मिलें मिले दो जिस्म अगन मोहब्बत की तुम बुझाओ। 
चकवा तुम्हारी मैं चकोर प्रियतम भोर की रवि किरणों की 
मानिंद मेरी जिन्दगी में रूहानी पाकीजगी भरी मोहब्बत यार बन जाओ ।।

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