अपने ख्वाबो ख्यालो पे मेरा इख्तियार नहीं ।
कैसे कह दू मोहतरमा हमें तुमसे प्यार नहीं ।
प्यार नहीं अहसास नहीं सुख दुःख का अहसास नहीं
आशियाना ए दिल में रह के भी रंजो गम का अहसास नहीं
जिन्दगी के इस मुकाम पे हकीकत बयां करता हूँ
जिन्दगी के जंजाल से टकराने की कोशिश करता हूँ
सुलझी सुलझी सी जिन्दगी जीने की तमन्ना है।
दौरे जिन्दगी में अश्को का दामन ही सहारा है
हिचकियो अश्को का मेल जिन्दगी में शुमार है
जानवर आदमी से कहीं ज्यादा आज वफादार है
हरेक लम्हा वीरान बस्तियों की डगर कदम बढ़ा रहा हूँ ।
तुमसे मोहब्बत की है आपने भाग्य पे इठला रहा हूँ ।
जिन्दगी में हर कोई विरानियो में साथ छोड़ जाता है ।
परछाई तक जिस्म का साथ छोड़ जाती है ।
एक वही महबुबे मोहब्बत " मौत " साथ निभाती है।।
मनोहर सतोगिया
कैसे कह दू मोहतरमा हमें तुमसे प्यार नहीं ।
प्यार नहीं अहसास नहीं सुख दुःख का अहसास नहीं
आशियाना ए दिल में रह के भी रंजो गम का अहसास नहीं
जिन्दगी के इस मुकाम पे हकीकत बयां करता हूँ
जिन्दगी के जंजाल से टकराने की कोशिश करता हूँ
सुलझी सुलझी सी जिन्दगी जीने की तमन्ना है।
दौरे जिन्दगी में अश्को का दामन ही सहारा है
हिचकियो अश्को का मेल जिन्दगी में शुमार है
जानवर आदमी से कहीं ज्यादा आज वफादार है
हरेक लम्हा वीरान बस्तियों की डगर कदम बढ़ा रहा हूँ ।
तुमसे मोहब्बत की है आपने भाग्य पे इठला रहा हूँ ।
जिन्दगी में हर कोई विरानियो में साथ छोड़ जाता है ।
परछाई तक जिस्म का साथ छोड़ जाती है ।
एक वही महबुबे मोहब्बत " मौत " साथ निभाती है।।
मनोहर सतोगिया
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