आज फिर अश्को में सराबोर है यामिनी ।
यूँ लगता है कलेजे को,फिर कोई सताई गई है दामिनी।
मनोहर सतोगिया
यूँ लगता है कलेजे को,फिर कोई सताई गई है दामिनी।
मनोहर सतोगिया
बहुत कुछ कहती है मेरे यार खामोशी तुम्हारी । चेहरा आईना ए दिली जजबात यार होता है।। मनोहर सतोगिया
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