चाहत है यारी तुम्हारी।
जन्नते हूर लगती हो प्यारी।
तुम्हारी महक से महकती है।
कायनातों फिजा दुनियाँदारी।।
जन्नते हूर लगती हो प्यारी।
तुम्हारी महक से महकती है।
कायनातों फिजा दुनियाँदारी।।
बहुत कुछ कहती है मेरे यार खामोशी तुम्हारी । चेहरा आईना ए दिली जजबात यार होता है।। मनोहर सतोगिया
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