या रब उसकी यादों को ब्लाक करने का आप्सन इनायत फर्मा।
अब उसके बिन रहा जाता नहीं, तनहाइयो का दर्द सहा जाता नहीं ।।
अब उसके बिन रहा जाता नहीं, तनहाइयो का दर्द सहा जाता नहीं ।।
बहुत कुछ कहती है मेरे यार खामोशी तुम्हारी । चेहरा आईना ए दिली जजबात यार होता है।। मनोहर सतोगिया
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